ब्रेकिंग
अफीम की अवैध खेती पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कड़ा रुख प्रशिक्षु न्यायाधीश लोकतंत्र के तीसरे स्तंभ के रूप में निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री श्री... बिजली उपभोक्ताओं की पीड़ा को दूर करेगी समाधान योजना : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पटरीपार सिकोला भाटा सब्जी मार्केट में निगम की बड़ी कार्रवाई, नाली के ऊपर बने 35 से अधिक अवैध निर्माण... छत्तीसगढ़ में घरेलू एलपीजी गैस एवं डीजल-पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक, आपूर्ति व्यवस्था पर सतत निगरानी क... कबीरधाम में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए शुरू होगी बड़ी मुहिम नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आम / उप निर्वाचन 2026 हेतु निर्वाचक नामावली कार्यक्रम जारी मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SCR) की पहली बैठक आयोजित प्रतिबंधित प्लास्टिक के खिलाफ निगम की सख्त कार्रवाई, कई दुकानों से डिस्पोजल गिलास व झिल्ली पन्नी जब्... राज्यपाल ने संत शदाराम साहिब भाषा भवन का किया शिलान्यास
छत्तीसगढ़दुर्ग

पुलगांव थाना क्षेत्र में दोहरे हत्याकांड का फरार आरोपी गिरफ्तार, अवैध संबंध के डर से की थी दादी-पोती की हत्या

दुर्ग। थाना पुलगांव क्षेत्र के ग्राम गनियारी में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड के तीसरे और अंतिम फरार आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह वही मामला है जिसमें 06 मार्च 2024 को एक वृद्धा और उसकी नाबालिग पोती की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान मार्शल राजपूत (उम्र 29 वर्ष, निवासी कृपाल नगर कोहका, जिला दुर्ग) के रूप में हुई है।

अवैध संबंध के डर से रचा गया था हत्या का षड्यंत्र
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी चुमेन्द्र निषाद का एक महिला से अवैध संबंध था। सगाई के बाद इस संबंध के उजागर होने के डर से उसने अपने सहयोगियों पंकज निषाद और मार्शल राजपूत के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। तीनों ने वृद्धा और उसकी नाबालिग पोती को धारदार हथियार से बेरहमी से मार डाला।

विवेचना में इस्तेमाल हुए ब्रेन मैपिंग और नार्को टेस्ट जैसे वैज्ञानिक परीक्षण
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी दुर्ग के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम गठित की गई। टीम ने 62 संदिग्धों से पूछताछ की और अहमदाबाद व रायपुर में ब्रेन मैपिंग, पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट जैसी आधुनिक जांच प्रक्रियाओं का सहारा लिया। वैज्ञानिक रिपोर्ट के आधार पर पुलिस को अहम सबूत मिले, जिनसे तीनों आरोपियों की संलिप्तता की पुष्टि हुई।

पहले दो आरोपी पहले ही गिरफ्तार
इस मामले में मुख्य आरोपी चुमेन्द्र निषाद और उसका सहयोगी पंकज निषाद को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था। तीसरा आरोपी मार्शल राजपूत घटना के बाद से फरार था। पुलिस ने लगातार प्रयास करते हुए आखिरकार उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।

टीम ने निभाई अहम भूमिका
इस कार्रवाई में थाना पुलगांव, एसीसीयू टीम, और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग द्वारा गठित विशेष जांच टीम की संयुक्त भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने इसे अत्यंत जटिल लेकिन वैज्ञानिक ढंग से सुलझाया गया मामला बताया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button